*महिला ने रची फर्जी गैंगरेप और गोलीकांड की साजिश” डॉक्टर और वार्ड बॉय गिरफ्तार, जानें पूरा मामला।*

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ख़बर पड़ताल ब्यूरो:– गैंगरेप और गोली लगने का झूठा ड्रामा, महिला समेत डॉक्टर और वार्ड बॉय गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आई है एक सनसनीखेज साजिश, जहां एक महिला ने खुद को गैंगरेप पीड़िता और गोली लगने का झूठा दावा कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच ने पूरे मामले की पोल खोल दी। इस फर्जीवाड़े में महिला के साथ एक झोलाछाप डॉक्टर और वार्ड बॉय की भूमिका भी सामने आई है।

29 मार्च 2025 को थाना कोतवाली क्षेत्र में महिला ने सूचना दी कि उसे पांच अज्ञात लोगों ने गैंगरेप कर गोली मार दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और मामले में मुकदमा दर्ज कर तत्काल जांच शुरू कर दी।

महिला की पहचान शमोली कौशिक के रूप में हुई, जो बरेली के वीर सावरकर नगर रोड की निवासी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने जांच की कमान संभाली।

जांच की दिशा बदली:

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला संदिग्ध होता चला गया। घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज, फोटोग्राफ्स और महिला की मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित हुआ कि गोली की चोट वास्तविक नहीं थी। पुलिस की पूछताछ में खुद महिला ने यह स्वीकार कर लिया कि उसने फर्जी कहानी गढ़ी थी।

पुराना रिकॉर्ड भी संदिग्ध:

यह पहली बार नहीं था जब महिला ने इस तरह का झूठा मुकदमा दर्ज कराया हो। 2022 में भी उसने गैंगरेप और नशीला पदार्थ खिलाने का झूठा आरोप लगाया था, जिसमें मेयर समेत तीन लोगों को फंसाने की कोशिश की गई थी। वह मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है।

फर्जीवाड़े की प्लानिंग:

इस बार महिला ने वार्ड बॉय रोहतास से संपर्क कर एक बुलेट और दो खोखा कारतूस हासिल किए। फिर झोलाछाप डॉक्टर शराफत खां से 2500 रुपये में अपने शरीर में गोली प्लांट करवाई। यह सब कुछ पुलिस को भ्रमित करने और आरोपियों को फंसाने की एक सुनियोजित साजिश थी।

पुलिस का बड़ा खुलासा:

पुलिस ने महिला, डॉक्टर और वार्ड बॉय – तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस साजिश में महिला के परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।

“महिला ने झूठा गैंगरेप और गोलीकांड का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर साजिश का खुलासा हुआ है। महिला, एक डॉक्टर और वार्ड बॉय को गिरफ्तार किया गया है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।”– वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बरेली

फर्जी मामलों के जरिए कानून को गुमराह करना न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि असली पीड़ितों के लिए भी मुश्किलें पैदा करता है। बरेली पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।


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